Tuesday, 26 December 2017

विदेशी ब्रह्मिनो की कितनी बात मानते हो ?

विदेशी ब्रह्मिनो ने कहा गौतम बुद्ध उनके ब्राह्मण धर्म के मुताबिक उनके ब्राह्मण धर्म के एक देवता विष्णु जो की चारित्र्य हिन् और बलात्कारी देखा जाता है उसका अवतार है।  क्या ये बात आप मानते है ?

विदेशी ब्रह्मिनो ने कहा बुद्ध की माँ के कोख में हाथी समां गया और वो सिद्धार्थ के रूप में जन्मा , क्या आत्मा हठी के रूप में होता है ये बात आप मानते क्या ?

सिद्धार्थ जन्म लेते ही तीन कदम चले , क्या ये बात आप मानते हो जब की नव जन्मे बच्चे रेंगते तक नहीं।

विदेशी ब्राह्मण कल कहेंगे बौद्ध धर्म में जाती वर्ण है , बुद्ध क्षत्रिय थे , कौशलायन ब्राह्मण थे , आंबेडकर महार थे आदि क्या ये बात ब्राह्मण कहेंगे तो मान लेंगे ?

हम बार बार कह रहे है विदेशी ब्राह्मण धर्म अलग है , नेटिव हिन्दू धर्म अलग है।  विदेशी ब्राह्मण धर्म का धर्म ग्रन्थ है वेद और कानून है मनुस्मृति।  नेटिव हिन्दू धर्म का धर्म ग्रन्थ है बीजक और कानून है हिन्दू कोड बिल।  वेद, भेद , वर्ण ,जाती , ऊंचनीच ,अस्पृश्यता विदेशी ब्राह्मण धर्म के धर्म के किताबो में है , वह नेटिव हिन्दू धर्म के धरोमो के किताबो में नहीं नाही कोई नेटिव हिन्दू धर्म का साधु , संत उसे  मान्यता देता है।

इतनी छोटीसी बात कुछ लोगो के समाज में नहीं आती तो हम क्या कर सकते है।  आप स्वतंत्र है , जो आप को ठीक लगे मानो  पर हमनहि मानते है हिन्दू धर्म या बुद्ध धर्म में वर्ण , जाती , भेदभाव है।  जो है कहते है वे ब्राह्मण धर्म को मजबूत करने का ही काम कर रहे है चाहे अज्ञान से ही सही।

हिन्दू धर्म , लोक धर्म है जो विदेशी ब्राह्मण इस देश पर आक्रमण करने के पहले से ही अस्तित्व में था जिसे लोग कभी भूले नहीं पर है उसमे कुछ मिलावट विदेशी ब्रह्मिनो ने करने की कोशिश की जो कभी जैन धर्म , कभी बुद्ध धर्म , सिख धर्म , वारकरी सम्प्रयदाय  , रविदासिया , रामनामी आदि बन कर हिन्दू ने रोका है।

कबीरजी ने हिन्दू धर्म फिर एक बार शुद्ध रूप में अपनी वाणी बीजक में बताया और डॉ. आंबेडकर ने हिन्दू धर्म का कानून हिन्दू कोड बिल दिया यही हिन्दू धर्म है , कोई बताये इन किताबो में इन पवित्र ग्रंथो में  कहाvarn और जाती को मान्यता दी है , अस्पृश्यता मानी है।  पर है इस देश में आज भी विदेशी ब्राह्मण जो करीब करीब ३ प्रतिशत है उनका ब्राह्मण धर्म , उनका वेद , उनका मनुस्मृति को ही ब्राह्मण धर्म मानते है।

इन विदेशी ब्रह्मिनो का , उनके ब्राह्मण धर्म का हमक्या करे ये आज महत्वपूर्ण सवाल है।  उस पे कुछ कहे तो बड़ी मेहेरबानी होगी और ब्राह्मण धर्म हिन्दू धर्म नहीं ये माने तो साधुवाद होगा !

नेटिविस्ट d.d.raut    

Saturday, 23 December 2017

Nv. is short form of Native , Nativist , Nativism
Nv.
Nv. is short form of Native, Nativist , Nativism .
Nv. is a short from of Nativist . It is an honorific etiquette used by Native people in India . It is like Mr. and Shri used by other people before their name or writing other's name or mention .
Communist use Com. for them , Doctors use Dr. for them . Advocates use Adv. for them . Professors use Prof. for them similarly Nativist use Nv. before them . Nativist D.D.Raut , President started this honorific word for Native people , Nativist and followers of Nativism .
We feel proud when we use this short from Nv. before our name and imbibes in us Nativism and spirit to fight against all types of alien atrocities , slavery of foreigners including Videshi Brahmins and Videshi Brahminism , Brahmin Dharm , Vikruti etc.
We appeal all Native people to use it before their name .
Nv. D.D.Raut,
President,
Native People's Party
Our Message to Nation : Janeu Chhodo , Bharat Jodo
Nv. is short form of Native , Nativist , Nativism
Nv.
Nv. is short form of Native, Nativist , Nativism .
Nv. is a short from of Nativist . It is an honorific etiquette used by Native people in India . It is like Mr. and Shri used by other people before their name or writing other's name or mention .
Communist use Com. for them , Doctors use Dr. for them . Advocates use Adv. for them . Professors use Prof. for them similarly Nativist use Nv. before them . Nativist D.D.Raut , President started this honorific word for Native people , Nativist and followers of Nativism .
We feel proud when we use this short from Nv. before our name and imbibes in us Nativism and spirit to fight against all types of alien atrocities , slavery of foreigners including Videshi Brahmins and Videshi Brahminism , Brahmin Dharm , Vikruti etc.
We appeal all Native people to use it before their name .
Nv. D.D.Raut,
President,
Native People's Party
Our Message to Nation : Janeu Chhodo , Bharat Jodo

Thursday, 21 December 2017

सभी हिन्दू लोग विदेशी ब्रह्मिनो के लिए अस्पृश्य रहे है :

विदेशी ब्रह्मिनो ने सर्व प्रथम सभी हिंदुस्तानी हिन्दू लोगो को अस्पृश्य माना ,असंबन्ध, उसके बाद थोड़े सम्बन्ध , चुनकर सम्बन्ध जैसे रास्ते अपनाकर केवल हिन्दू के चार विभाग किये अस्पृश्य , शूद्र , वैश्य , क्षत्रिय।  खुद को ब्राह्मण धर्मी होने के कारण ब्राह्मण और सभी से अलग बनाये रखा।  पुरातन काल में जिस देश को गोंडवान कहा गया उन गोंड , भिल्ल के देवता भगवान शिव को चांडाल कहा गया जो की अस्पृश्य या असंबन्ध लोगो की श्रेणी में रखा गया।  इस प्रकार आज के सभी आदिवासी भी अस्पृश्य की हिन्दू श्रेणी में आते है और दूसरे गैर ब्राह्मण हिन्दू भी कभी अस्पृश्य ही रहे है।  सेलेक्टिव सम्बन्ध के तहत विदेशी ब्रह्मिनो ने राज पुरुष , मालदार बेपारी और किसान - मजदुर- कारगर को शूद्र कर काम ज्यादा शोषण किया पर इन सभी से दुरी बनाये राखी।

आज हम यही कह सकते है की गैर ब्राह्मण हिन्दू है और नेटिव है।  ब्राह्मण विदेशी है और उनका ब्राह्मण धर्म अलग है।  यानि हिन्दू वोही , जो ब्राह्मण नहीं।

नेटिविस्ट डी.डी.राउत ,
विचारक ,
मूल भारतीय विचार मंच    

Friday, 1 December 2017

Universal Declaration of Nativism :

I , Nativist Daulatrao Domaji Raut , do here by declare
Universally that Nativism is Universal and Legal instrument for establishing Native Nation by any Native and Nativist across the Universe following Nativism !

Declared at Kalyan , M.S. India
Date : 1 st December , 2017

Nativist D.D.Raut ,
President ,
Native Rule Movement